अहबार 1:17 - किताब-ए मुक़द्दस17 उसे पेश करते वक़्त इमाम उसके पर पकड़कर परिंदे को फाड़ डाले, लेकिन यों कि वह बिलकुल टुकड़े टुकड़े न हो जाए। फिर इमाम उसे क़ुरबानगाह पर जलती हुई लकड़ियों पर जला दे। इस जलनेवाली क़ुरबानी की ख़ुशबू रब को पसंद है। Se kapitletइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201917 और वह उसके दोनों बाज़ुओं को पकड़ कर उसे चीरे पर अलग — अलग न करे। तब काहिन उसे मज़बह पर उन लकड़ियों के ऊपर रख कर जो आग पर होंगी जला दे, वह सोख़्तनी क़ुर्बानी या'नी ख़ुदावन्द के लिए राहतअंगेज़ ख़ुशबू की आतिशी क़ुर्बानी है। Se kapitlet |