याक़ूब 1:26 - किताब-ए मुक़द्दस26 क्या आप अपने आपको दीनदार समझते हैं? अगर आप अपनी ज़बान पर क़ाबू नहीं रख सकते तो आप अपने आपको फ़रेब देते हैं। फिर आपकी दीनदारी का इज़हार बेकार है। Se kapitletइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201926 अगर कोई अपने आपको दीनदार समझे और अपनी ज़बान को लगाम न दे बल्कि अपने दिल को धोखा दे तो उसकी दीनदारी बातिल है। Se kapitletउर्दू हमअस्र तरजुमा26 अगर कोई शख़्स अपने आप को दीनदार समझता है मगर फिर भी अपनी ज़बान को क़ाबू में नहीं रखता तो वो अपने आप को धोका देता है। और उस का दीन फ़ुज़ूल है। Se kapitlet |