2 कुरि 1:9 - किताब-ए मुक़द्दस9 हमने महसूस किया कि हमें सज़ाए-मौत दी गई है। लेकिन यह इसलिए हुआ ताकि हम अपने आप पर भरोसा न करें बल्कि अल्लाह पर जो मुरदों को ज़िंदा कर देता है। Se kapitletइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20199 बल्कि अपने ऊपर मौत के हुक्म का यक़ीन कर चुके थे ताकि अपना भरोसा न रख्खें बल्कि ख़ुदा का जो मुर्दों को जिलाता है। Se kapitletउर्दू हमअस्र तरजुमा9 हमें यक़ीन था के हमारी मौत का फ़त्वा सादर हो चुका है। लेकिन इस तजुर्बे ने हमें अपने आप की बजाय उस ख़ुदा पर भरोसा रखना सिखाया, जो मुर्दों को ज़िन्दा करता है। Se kapitlet |