2 कुरि 1:7 - किताब-ए मुक़द्दस7 चुनाँचे हमारी आपके बारे में उम्मीद पुख़्ता रहती है। क्योंकि हम जानते हैं कि जिस तरह आप हमारी मुसीबतों में शरीक हैं उसी तरह आप उस तसल्ली में भी शरीक हैं जो हमें हासिल होती है। Se kapitletइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 और हमारी उम्मीद तुम्हारे बारे में मज़बूत है; क्यूँकि हम जानते हैं कि जिस तरह तुम दु:खों में शरीक हो उसी तरह तसल्ली में भी हो। Se kapitletउर्दू हमअस्र तरजुमा7 और हम तुम्हारी तरफ़ से बड़े पुर उम्मीद हैं, क्यूंके हमें यक़ीन है के जिस तरह तुम तकालीफ़ में हमारे शरीक हो, उसी तरह हमारी तसल्ली में भी शरीक हो। Se kapitlet |