66 इअ बतवा सुनलहरा जम्मे जन मने-मने यसके सोचे लगलइ, “इअ बचवा बढके पाछे कस्नुक हखबिय त?” केहकेकि प्रभुक सक्ति वकरसाङे रहलइ।