18 तब जकरिया स्वरगदुतवाके कहलिय, “इअ बतवा सदियो पुरा हतइ कहके मुइ कस्के जनबहिँ? मुइ त बुढ हखसकलहि हसे मोर जनियावा फेनि बुढि हखसकलिय।”