11 हसे हुनुकाके कहलइ, अरे गालिल छेतरक मन्सावाह, “तोहरा केहके स्वरगवरि हेरते यहवाँ ठडियलि बडह? जसने तोहरा येसुजिके स्वरगमा लिगाइकि देखलह, वसनेहिँ हुने फिरके फेरि यबसि।”