4 मन्नै याद सै के जिब मन्नै थारे ताहीं छोड़कै जाणा पड्या था, तो थम मेरे खात्तर किस तरियां रोए थे। मै दिन-रात तेरे तै मिलण की लालसा राक्खूँ सूं, ताके आनन्द तै भर जाऊँ।