5 इब हे नारी, मै तेरे तै बिनती करुँ सूं, के हमनै एक-दुसरे तै प्यार करणा चाहिए, यो कोए नया हुकम कोनी, बल्के यो वो हुकम सै जिसनै हम उस बखत तै जाणा सां, जिब हमनै मसीह कै पाच्छै चालणा शरु करया था।