23 अउर कबहूँ न नास होंइ बाले परमातिमा के महिमा काहीं, नास होंइ बाले मनइन, अउर पंछिन, अउर पसुअन, अउर रेंगँइ बाले जीव-जन्तुअन कि नाईं मूरत बनाइके, उनहीं मूरतिन माहीं बदल डारिन।