20 देखा, जउने दिन तक ईं बातँय पूर न होइ जइहँय, उआ दिन तक तूँ गूँगा रइहा, अउर बोले न पइहा, एसे कि तूँ हमरे बातन के बिसुआस नहीं किहा आय, जउन अपने समय माहीं पूर होइहँय।”