2 हे यहोवा, मइँ लगातर तोहार दोहाइ देत रहत हउँ। तू मोर कब सुनब्या? मइँ इ हिंसा क बारे मँ तोहरे अगवा नरियात रहत हउँ मुला तू कछू नाहीं किहा।