रोमियों 8:7 - उर्दू हमअस्र तरजुमा7 इसलिये के जिस्मानी ग़रज़ ख़ुदा की अदावत करती है; वह न तो ख़ुदा की शरीअत के ताबे है न हो सकती है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 इसलिए कि जिस्मानी नियत ख़ुदा की दुश्मन है क्यूँकि न तो ख़ुदा की शरी'अत के ताबे है न हो सकती है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस7 पुरानी फ़ितरत की सोच अल्लाह से दुश्मनी रखती है। यह अपने आपको अल्लाह की शरीअत के ताबे नहीं रखती, न ही ऐसा कर सकती है। Viz kapitola |