रोमियों 8:24 - उर्दू हमअस्र तरजुमा24 चुनांचे इसी उम्मीद के वसीले से हमें नजात मिली। मगर जब उम्मीद की हुई चीज़ नज़र आ जाये तो उम्मीद का कोई मतलब नहीं। क्यूंके पहले से मौजूद किसी चीज़ की कोई उम्मीद क्यूं करेगा? Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201924 चुनाँचे हमें उम्मीद के वसीले से नजात मिली मगर जिस चीज़ की उम्मीद है जब वो नज़र आ जाए तो फिर उम्मीद कैसी? क्यूँकि जो चीज़ कोई देख रहा है उसकी उम्मीद क्या करेगा? Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस24 क्योंकि नजात पाते वक़्त हमें यह उम्मीद दिलाई गई। लेकिन अगर वह कुछ नज़र आ चुका होता जिसकी उम्मीद हम रखते तो यह दर-हक़ीक़त उम्मीद न होती। कौन उस की उम्मीद रखे जो उसे नज़र आ चुका है? Viz kapitola |