रोमियों 3:27 - उर्दू हमअस्र तरजुमा27 पस फ़ख़्र कहां रहा? इस की गुन्जाइश ही न रही। किस के वसीले से? क्या शरीअत पर अमल करने के वसीले से? नहीं, बल्के ईमान की शरीअत के वसीले से। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201927 पस फ़ख़्र कहाँ रहा? इसकी गुन्जाइश ही नहीं कौन सी शरी'अत की वजह से? क्या आमाल की शरी'अत से? ईमान की शरी'अत से? Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस27 अब हमारा फ़ख़र कहाँ रहा? उसे तो ख़त्म कर दिया गया है। किस शरीअत से? क्या आमाल की शरीअत से? नहीं, बल्कि ईमान की शरीअत से। Viz kapitola |