मुकाशफ़ा 19:1 - उर्दू हमअस्र तरजुमा1 इस के बाद मैंने आसमान पर गोया एक बड़ी जमाअत को बुलन्द आवाज़ से ये कहते सुना, “हल्लेलुयाह! नजात और जलाल और क़ुदरत हमारे ख़ुदा ही की है, Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 इन बातों के बाद मैंने आसमान पर गोया बड़ी जमा'अत को ऊँची आवाज़ से ये कहते सुना, “हालेलूया! नजात और जलाल और क़ुदरत हमारे ख़ुदा की है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस1 इसके बाद मैंने आसमान पर एक बड़े हुजूम की-सी आवाज़ सुनी जिसने कहा, “अल्लाह की तमजीद हो! नजात, जलाल और क़ुदरत हमारे ख़ुदा को हासिल है। Viz kapitola |