मुकाशफ़ा 17:15 - उर्दू हमअस्र तरजुमा15 फिर उस फ़रिश्ते ने मुझ से कहा, “जिन दर्याओं के किनारे पर तूने उस बड़ी कस्बी को बैठी देखा है वो उम्मतें, हुजूम, क़ौमें और अहल-ए-ज़बान हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201915 फिर उसने मुझ से कहा, जो पानी तू ने देखा जिन पर कस्बी बैठी है, वो उम्मतें और गिरोह और क़ौमें और अहले ज़बान हैं। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस15 फिर फ़रिश्ते ने मुझसे कहा, “जिस पानी के पास तूने कसबी को बैठी देखा वह उम्मतें, हुजूम, क़ौमें और ज़बानें है। Viz kapitola |