मुकाशफ़ा 17:1 - उर्दू हमअस्र तरजुमा1 जिन सात फ़रिश्तों के पास सात प्याले थे उन में से एक ने आकर मुझ से कहा, “इधर आ मैं तुझे उस बड़ी कस्बी यानी बड़े शहर की सज़ा दिखाऊं जो दरिया के किनारे पर बैठी हुई है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 और सातों फ़रिश्तों में से, जिनके पास सात प्याले थे, एक ने आकर मुझ से ये कहा, इधर आ! मैं तुझे उस बड़ी कस्बी की सज़ा दिखाऊँ, जो बहुत से पानियों पर बैठी हुई है; Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस1 फिर सात प्याले अपने पास रखनेवाले इन सात फ़रिश्तों में से एक मेरे पास आया। उसने कहा, “आ, मैं तुझे उस बड़ी कसबी की सज़ा दिखा दूँ जो गहरे पानी के पास बैठी है। Viz kapitola |