मुकाशफ़ा 16:15 - उर्दू हमअस्र तरजुमा15 “देखो, मैं चोर की मानिन्द अचानक आ रहा हूं। मुबारक है वो जो जागता रहता है और अपनी पोशाक पहने रहता है ताके उसे लोगों के सामने नंगा होना न पड़े और लोग उस की बरहंगी न देखें।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201915 “(देखो, मैं चोर की तरह आता हूँ; मुबारिक़ वो है जो जागता है और अपनी पोशाक की हिफ़ाज़त करता है ताकि नंगा न फिरे, और लोग उसका नंगापन न देखें)” Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस15 “देखो, मैं चोर की तरह आऊँगा। मुबारक है वह जो जागता रहता और अपने कपड़े पहने हुए रहता है ताकि उसे नंगी हालत में चलना न पड़े और लोग उस की शर्मगाह न देखें।” Viz kapitola |