मुकाशफ़ा 13:3 - उर्दू हमअस्र तरजुमा3 उस हैवान के एक सर पर किसी मुहलिक ज़ख़्म का निशान था। वो ज़ख़्मे-कारी शिफ़ायाब हो गया और तमाम अहल-ए-दुनिया तअज्जुब करते हुए उस हैवान के पीछे चलने लगे। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 और मैंने उसके सिरों में से एक पर गोया ज़ख़्म — ए — कारी अच्छा हो गया, और सारी दुनियाँ ता'ज्जुब करती हुई उस हैवान के पीछे पीछे हो ली। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस3 लगता था कि हैवान के सरों में से एक पर लाइलाज ज़ख़म लगा है। लेकिन इस ज़ख़म को शफ़ा दी गई। पूरी दुनिया यह देखकर हैरतज़दा हुई और हैवान के पीछे लग गई। Viz kapitola |