मुकाशफ़ा 12:14 - उर्दू हमअस्र तरजुमा14 लेकिन उस ख़ातून को बड़े उक़ाब के दो पर दिये गये ताके वो उस मक़ाम की तरफ़ परवाज़ कर जाये जो ब्याबान में उस के लिये तय्यार किया गया है ताके वो वहां अज़दहा की दस्तरस से बच कर साढे़ तीन बरस तक हिफ़ाज़त से रह सके। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201914 और उस 'औरत को बड़े; उक़ाब के दो पर दिए गए, ताकि साँप के सामने से उड़ कर वीराने में अपनी उस जगह पहुँच जाए, जहाँ एक ज़माना और ज़मानो और आधे ज़माने तक उसकी परवरिश की जाएगी। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस14 लेकिन ख़ातून को बड़े उक़ाब के-से दो पर दिए गए ताकि वह उड़कर रेगिस्तान में उस जगह पहुँचे जो उसके लिए तैयार की गई थी और जहाँ वह साढ़े तीन साल तक अज़दहे की पहुँच से महफ़ूज़ रहकर परवरिश पाएगी। Viz kapitola |