मत्ती 14:15 - उर्दू हमअस्र तरजुमा15 जब शाम हुई तो आप के शागिर्द आप के पास आकर कहने लगे, “ये एक वीरान जगह है और काफ़ी देर भी हो चुकी है, इसलिये हुजूम को रुख़्सत कर दीजिये ताके वह गांव में जा कर अपने लिये खाना ख़रीद सकें।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201915 जब शाम हुई तो शागिर्द उसके पास आकर कहने लगे “जगह वीरान है और वक़्त गुज़र गया है लोगों को रुख़्सत कर दे ताकि गाँव में जाकर अपने लिए खाना ख़रीद लें।” Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस15 जब दिन ढलने लगा तो उसके शागिर्द उसके पास आए और कहा, “यह जगह वीरान है और दिन ढलने लगा है। इनको रुख़सत कर दें ताकि यह इर्दगिर्द के देहातों में जाकर खाने के लिए कुछ ख़रीद लें।” Viz kapitola |