लूक़ा 6:48 - उर्दू हमअस्र तरजुमा48 वह उस आदमी की मानिन्द है जिस ने घर बनते वक़्त, ज़मीन को काफ़ी गहराई तक खोदा और घर की बुनियाद चट्टान पर रख्खी। जब सैलाब आया, और पानी की लहरें उस के घर से टकराईं तो उसे हिला न सकीं, क्यूंके वह मज़बूत बना था। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201948 वो उस आदमी की तरह है जिसने घर बनाते वक़्त ज़मीन गहरी खोदकर चट्टान पर बुनियाद डाली, जब तूफ़ान आया और सैलाब उस घर से टकराया, तो उसे हिला न सका क्यूँकि वो मज़बूत बना हुआ था। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस48 वह उस आदमी की मानिंद है जिसने अपना मकान बनाने के लिए गहरी बुनियाद की खुदाई करवाई। खोद खोदकर वह चटान तक पहुँच गया। उसी पर उसने मकान की बुनियाद रखी। मकान मुकम्मल हुआ तो एक दिन सैलाब आया। ज़ोर से बहता हुआ पानी मकान से टकराया, लेकिन वह उसे हिला न सका क्योंकि वह मज़बूती से बनाया गया था। Viz kapitola |