लूक़ा 11:52 - उर्दू हमअस्र तरजुमा52 “ऐ शरीअत के आलिमों तुम पर अफ़सोस, तुम ने इल्म की कुन्जी छीन ली, तुम ख़ुद भी दाख़िल न हुए और जो दाख़िल हो रहे थे उन्हें भी रोक दिया।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201952 ऐ शरा' के 'आलिमों! तुम पर अफ़सोस, कि तुम ने मा'रिफ़त की कुंजी छीन ली, तुम ख़ुद भी दाख़िल न हुए और दाख़िल होने वालों को भी रोका।” Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस52 शरीअत के आलिमो, तुम पर अफ़सोस! क्योंकि तुमने इल्म की कुंजी को छीन लिया है। न सिर्फ़ यह कि तुम ख़ुद दाख़िल नहीं हुए, बल्कि तुमने दाख़िल होनेवालों को भी रोक लिया।” Viz kapitola |