यहूदाह 1:3 - उर्दू हमअस्र तरजुमा3 अज़ीज़ दोस्तों जब मैं तुम्हें उस नजात के बारे में लिखने का बेहद मुश्ताक़ था जिस में हम सब शामिल हैं तो मैंने तुम्हें ये नसीहत लिखना ज़रूरी समझा ताके तुम इस ईमान के लिये पूरी जद्दोजहद करो जो ख़ुदा के मुक़द्दसीन को एक ही बार हमेशा के लिये सौंपा गया है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20193 ऐ प्यारों! जिस वक़्त मैं तुम को उस नजात के बारे में लिखने में पूरी कोशिश कर रहा था जिसमें हम सब शामिल हैं, तो मैंने तुम्हें ये नसीहत लिखना ज़रूर जाना कि तुम उस ईमान के वास्ते मेहनत करो जो मुक़द्दसों को एक बार सौंपा गया था। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस3 अज़ीज़ो, गो मैं आपको उस नजात के बारे में लिखने का बड़ा शौक़ रखता हूँ जिसमें हम सब शरीक हैं, लेकिन अब मैं आपको एक और बात के बारे में लिखना चाहता हूँ। मैं इसमें आपको नसीहत करने की ज़रूरत महसूस करता हूँ कि आप उस ईमान की ख़ातिर जिद्दो-जहद करें जो एक ही बार सदा के लिए मुक़द्दसीन के सुपुर्द कर दिया गया है। Viz kapitola |