याक़ूब 5:12 - उर्दू हमअस्र तरजुमा12 ऐ भाईयों और बहनों! सब से बढ़कर ये है के क़सम हरगिज़ न खाना, न आसमान की और न ज़मीन की, न किसी और चीज़ की। बल्के “हां” की जगह हां और “नहीं” की जगह नहीं हो; ताके सज़ा से बच सको। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201912 मगर ऐ, मेरे भाइयों; सब से बढ़कर ये है क़सम न खाओ, न आसमान की न ज़मीन की न किसी और चीज़ की बल्कि हाँ की जगह हाँ करो और नहीं की जगह नहीं ताकि सज़ा के लायक़ न ठहरो। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस12 मेरे भाइयो, सबसे बढ़कर यह कि आप क़सम न खाएँ, न आसमान की क़सम, न ज़मीन की, न किसी और चीज़ की। जब आप “हाँ” कहना चाहते हैं तो बस “हाँ” ही काफ़ी है। और अगर इनकार करना चाहें तो बस “नहीं” कहना काफ़ी है, वरना आप मुजरिम ठहरेंगे। Viz kapitola |