याक़ूब 3:6 - उर्दू हमअस्र तरजुमा6 ज़बान भी एक आग की मानिन्द है। ज़बान हमारे आज़ा में नारास्ती का एक आलम है जो सारे जिस्म को दाग़दार कर देती है। और सारी ज़िन्दगी में आग लगा देती है और ख़ुद जहन्नुम की आग से जलती रहती है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 ज़बान भी एक आग है ज़बान हमारे आज़ा में शरारत का एक आ'लम है और सारे जिस्म को दाग़ लगाती है और दाइरा दुनिया को आग लगा देती है और जहन्नुम की आग से जलती रहती है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस6 ज़बान भी आग की मानिंद है। बदन के दीगर आज़ा के दरमियान रहकर उसमें नारास्ती की पूरी दुनिया पाई जाती है। वह पूरे बदन को आलूदा कर देती है, हाँ इनसान की पूरी ज़िंदगी को आग लगा देती है, क्योंकि वह ख़ुद जहन्नुम की आग से सुलगाई गई है। Viz kapitola |