इबरानियों 7:19 - उर्दू हमअस्र तरजुमा19 क्यूंके शरीअत ने किसी भी चीज़ को कामिल नहीं किया। और उस की जगह हमें एक बेहतर उम्मीद दी गई है जिस के वसीले से हम ख़ुदा के नज़दीक जा सकते हैं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201919 (मूसा की शरी'अत तो किसी चीज़ को कामिल नहीं बना सकती थी) और अब एक बेहतर उम्मीद मुहय्या की गई है जिस से हम ख़ुदा के क़रीब आ जाते हैं। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस19 (मूसा की शरीअत तो किसी चीज़ को कामिल नहीं बना सकती थी) और अब एक बेहतर उम्मीद मुहैया की गई है जिससे हम अल्लाह के क़रीब आ जाते हैं। Viz kapitola |