इबरानियों 10:1 - उर्दू हमअस्र तरजुमा1 मूसवी शरीअत आइन्दा की अच्छी चीज़ों का महज़ एक अक्स है न के उन की असली सूरत। इसलिये एक ही क़िस्म की क़ुर्बानियां जो साल-ब-साल पेश की जाती हैं वो ख़ुदा के पास आने वालों को हरगिज़ कामिल नहीं कर सकतीं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20191 मूसा की शरी'अत आने वाली अच्छी और असली चीज़ों की सिर्फ़ नक़ली सूरत और साया है। यह उन चीज़ों की असली शक्ल नहीं है। इस लिए यह उन्हें कभी भी कामिल नहीं कर सकती जो साल — ब — साल और बार बार ख़ुदा के हुज़ूर आ कर वही क़ुर्बानियाँ पेश करते रहते हैं। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस1 मूसवी शरीअत आनेवाली अच्छी और असली चीज़ों की सिर्फ़ नक़ली सूरत और साया है। यह उन चीज़ों की असली शक्ल नहीं है। इसलिए यह उन्हें कभी भी कामिल नहीं कर सकती जो साल बसाल और बार बार अल्लाह के हुज़ूर आकर वही क़ुरबानियाँ पेश करते रहते हैं। Viz kapitola |