गलतियों 6:15 - उर्दू हमअस्र तरजुमा15 सच तो यह है के ख़तना कराना या न कराना अहम नहीं; लेकिन नई मख़्लूक़ बन जाना बड़ा अहम है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201915 क्यूँकि न ख़तना कुछ चीज़ है न नामख़्तूनी, बल्कि नए सिरे से मख़लूक़ होना। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस15 ख़तना करवाने या न करवाने से कोई फ़रक़ नहीं पड़ता बल्कि फ़रक़ उस वक़्त पड़ता है जब अल्लाह किसी को नए सिरे से ख़लक़ करता है। Viz kapitola |