गलतियों 5:6 - उर्दू हमअस्र तरजुमा6 और जो कोई अलमसीह ईसा में है उस का ख़तना कराना या न कराना इतना मुफ़ीद नहीं। जितना मुफ़ीद अलमसीह पर ईमान रखना है जो महब्बत के ज़रीये असर करता है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20196 और मसीह ईसा में न तो ख़तना कुछ काम का है न नामख़्तूनी मगर ईमान जो मुहब्बत की राह से असर करता है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस6 क्योंकि जब हम मसीह ईसा में होते हैं तो ख़तना करवाने या न करवाने से कोई फ़रक़ नहीं पड़ता। फ़रक़ सिर्फ़ उस ईमान से पड़ता है जो मुहब्बत करने से ज़ाहिर होता है। Viz kapitola |