गलतियों 5:18 - उर्दू हमअस्र तरजुमा18 अगर तुम पाक रूह की हिदायत से ज़िन्दगी गुज़ारते हो, तो शरीअत के मातहत नहीं हो। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201918 और अगर तुम पाक रूह की हिदायत से चलते हो, तो शरी'अत के मातहत नहीं रहे। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस18 लेकिन जब रूहुल-क़ुद्स आपकी राहनुमाई करता है तो आप शरीअत के ताबे नहीं होते। Viz kapitola |