गलतियों 3:24 - उर्दू हमअस्र तरजुमा24 पस शरीअत ने उस्ताद बन कर हमें अलमसीह तक पहुंचा दिया ताके हम ईमान के वसीले से रास्तबाज़ ठहराये जायें। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201924 पस शरी'अत मसीह तक पहूँचाने को हमारा उस्ताद बनी, ताकि हम ईमान की वजह से रास्तबाज़ ठहरें। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस24 यों शरीअत को हमारी तरबियत करने की ज़िम्मादारी दी गई। उसे हमें मसीह तक पहुँचाना था ताकि हमें ईमान से रास्तबाज़ क़रार दिया जाए। Viz kapitola |