गलतियों 3:2 - उर्दू हमअस्र तरजुमा2 मैं तो तुम से सिर्फ़ यह मालूम करना चाहता हूं: क्या तुम ने शरीअत पर अमल कर के पाक रूह को पाया, या ईमान की ख़ुशख़बरी के पैग़ाम को सुन कर उसे हासिल किया? Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 मैं तुम से सिर्फ़ ये गुज़ारिश करना चाहता हूँ: कि तुम ने शरी'अत के आ'माल से पाक रूह को पाया या ईमान की ख़ुशख़बरी के पैग़ाम से? Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस2 मुझे एक बात बताएँ, क्या आपको शरीअत की पैरवी करने से रूहुल-क़ुद्स मिला? हरगिज़ नहीं! वह आपको उस वक़्त मिला जब आप मसीह के बारे में पैग़ाम सुनकर उस पर ईमान लाए। Viz kapitola |