गलतियों 3:12 - उर्दू हमअस्र तरजुमा12 तो भी शरीअत ईमान पर मब्नी नहीं है; बल्के इस के बरअक्स किताब-ए-मुक़द्दस का बयान करती है, “जो शख़्स शरीअत पर अमल करता है, वह शरीअत की वजह से ज़िन्दा रहेगा।” Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201912 और शरी'अत को ईमान से कुछ वास्ता नहीं, बल्कि लिखा है, “जिसने इन पर 'अमल किया, वो इनकी वजह से जीता रहेगा।” Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस12 ईमान की यह राह शरीअत की राह से बिलकुल फ़रक़ है जो कहती है, “जो यों करेगा वह जीता रहेगा।” Viz kapitola |