गलतियों 2:2 - उर्दू हमअस्र तरजुमा2 मेरा वहां जाना ख़ुदाई मुकाशफ़े के तहत हुआ, मैंने उन को वही मुनादी की, जिस ख़ुशख़बरी की तब्लीग़ मैंने ग़ैरयहूदियों को की थी, ख़ुफ़िया तौर से जमाअत में मोतबर समझे जाने वाले उन लोगों से मुलाक़ात की, इस ख़ौफ़ से कहीं ऐसा न हो के मेरी पहले की या अब तक की गई दौड़ धूप, बेफ़ाइदा जाये। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20192 और मेरा जाना मुक़ाशिफ़ा के मुताबिक़ हुआ; और जिस ख़ुशख़बरी की ग़ैर — क़ौमों में मनादी करता हूँ वो उन से बयान की, मगर तन्हाई में उन्हीं के लोगों से जो कुछ समझे जाते थे, कहीं ऐसा ना हो कि मेरी इस वक़्त की या अगली दौड़ धूप बेफ़ाइदा जाए। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस2 मैं एक मुकाशफ़े की वजह से गया जो अल्लाह ने मुझ पर ज़ाहिर किया था। मेरी अलहदगी में उनके साथ मीटिंग हुई जो असरो-रसूख़ रखते हैं। इसमें मैंने उन्हें वह ख़ुशख़बरी पेश की जो मैं ग़ैरयहूदियों को सुनाता हूँ। मैं नहीं चाहता था कि जो दौड़ मैं दौड़ रहा हूँ या माज़ी में दौड़ा था वह आख़िरकार बेफ़ायदा निकले। Viz kapitola |