गलतियों 2:18 - उर्दू हमअस्र तरजुमा18 शरीअत की जो दीवारें मैंने गिरा दी थीं, अगर उन्हें फिर से खड़ा करने लगूं तो अपने आप को ही क़ुसूरवार ठहराता हूं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201918 क्यूँकि जो कुछ मैंने शरी'अत को ढा दिया अगर उसे फिर बनाऊँ, तो अपने आप को कुसुरवार ठहराता हूँ। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस18 अगर मैं शरीअत के उस निज़ाम को दुबारा तामीर करूँ जो मैंने ढा दिया तो फिर मैं ज़ाहिर करता हूँ कि मैं मुजरिम हूँ। Viz kapitola |