गलतियों 1:10 - उर्दू हमअस्र तरजुमा10 क्या मैं आदमियों का मन्ज़ूरे नज़र बनना चाहता हूं या ख़ुदा का? क्या मैं आदमियों को ख़ुश करना चाहता हूं? अगर मैं आदमियों को ख़ुश करने की कोशिश में लगा रहता तो ख़ुदावन्द अलमसीह का ख़ादिम न होता। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 अब मैं आदमियों को दोस्त बनाता हूँ या ख़ुदा को? क्या आदमियों को ख़ुश करना चाहता हूँ? अगर अब तक आदिमयों को ख़ुश करता रहता, तो मसीह का बन्दा ना होता। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस10 क्या मैं इसमें यह कोशिश कर रहा हूँ कि लोग मुझे क़बूल करें? हरगिज़ नहीं! मैं चाहता हूँ कि अल्लाह मुझे क़बूल करे। क्या मेरी कोशिश यह है कि मैं लोगों को पसंद आऊँ? अगर मैं अब तक ऐसा करता तो मसीह का ख़ादिम न होता। Viz kapitola |