इफ़िसियों 2:15 - उर्दू हमअस्र तरजुमा15 अलमसीह ने शरीअत को उस के अहकाम और क़वानीन समेत अपने जिस्म के वसीले से मौक़ूफ़ कर दिया, ताके दोनों से अपने आप में एक नये इन्सान की तख़्लीक़ कर के सुलह करा दे, Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201915 चुनाँचे उसने अपने जिस्म के ज़रिए से दुश्मनी, या'नी वो शरी'अत जिसके हुक्म ज़ाबितों के तौर पर थे, मौक़ूफ़ कर दी ताकि दोनों से अपने आप में एक नया इंसान पैदा करके सुलह करा दे; Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस15 उसने शरीअत को उसके अहकाम और ज़वाबित समेत मनसूख़ कर दिया ताकि दोनों गुरोहों को मिलाकर एक नया इनसान ख़लक़ करे, ऐसा इनसान जो उसमें एक हो और सुलह-सलामती के साथ ज़िंदगी गुज़ारे। Viz kapitola |