रसूलों 27:39 - उर्दू हमअस्र तरजुमा39 जब दिन निकला तो उन्होंने ख़ुश्की को न पहचाना लेकिन एक खाड़ी देखी जिस का किनारा नज़र आया। उन्होंने सलाह की के अगर मुम्किन हो तो समुन्दरी जहाज़ को इसी पर चढ़ा लें। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201939 जब दिन निकल आया तो उन्होंने उस मुल्क को न पहचाना, मगर एक खाड़ी देखी, जिसका किनारा साफ़ था, और सलाह की कि अगर हो सके तो जहाज़ को उस पर चढ़ा लें। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस39 जब दिन चढ़ गया तो मल्लाहों ने साहिली इलाक़े को न पहचाना। लेकिन एक ख़लीज नज़र आई जिसका साहिल अच्छा था। उन्हें ख़याल आया कि शायद हम जहाज़ को वहाँ ख़ुश्की पर चढ़ा सकें। Viz kapitola |