रसूलों 27:20 - उर्दू हमअस्र तरजुमा20 जब कई दिनों तक सूरज नज़र आया न तारे और तूफ़ानों का ज़ोर भी बढ़ने लगा तो बचने की आख़िरी उम्मीद भी जाती रही। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201920 जब बहुत दिनों तक न सूरज नज़र आया न तारे और शिद्दत की आँधी चल रही थी, तो आख़िर हम को बचने की उम्मीद बिल्कुल न रही। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस20 तूफ़ान की शिद्दत बहुत दिनों के बाद भी ख़त्म न हुई। न सूरज और न सितारे नज़र आए यहाँ तक कि आख़िरकार हमारे बचने की हर उम्मीद जाती रही। Viz kapitola |