रसूलों 2:44 - उर्दू हमअस्र तरजुमा44 हुज़ूर अलमसीह पर ईमान लाने वाले तमाम अफ़राद इकट्-ठे रहते थे और तमाम चीज़ों में एक दूसरे को शरीक समझते थे। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201944 और जो ईमान लाए थे वो सब एक जगह रहते थे और सब चीज़ों में शरीक थे। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस44 जो भी ईमान लाते थे वह एक जगह जमा होते थे। उनकी हर चीज़ मुश्तरका होती थी। Viz kapitola |