2 कुरि 9:7 - उर्दू हमअस्र तरजुमा7 जिस ने दिल में जिस क़दर देने का ख़्याल किया हुआ है बग़ैर किसी हिचकिचाहट के उतना ही दे और ख़ुशी से दे, न के मजबूरी से या किसी दबाओ से क्यूंके ख़ुदा ख़ुशी से देने वाले को अज़ीज़ रखता है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 जिस क़दर हर एक ने अपने दिल में ठहराया है उसी क़दर दे, न दरेग़ करके न लाचारी से क्यूँकि ख़ुदा ख़ुशी से देने वाले को अज़ीज़ रखता है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस7 हर एक उतना दे जितना देने के लिए उसने पहले अपने दिल में ठहरा लिया है। वह इसमें तकलीफ़ या मजबूरी महसूस न करे, क्योंकि अल्लाह उससे मुहब्बत रखता है जो ख़ुशी से देता है। Viz kapitola |