2 कुरि 7:10 - उर्दू हमअस्र तरजुमा10 क्यूंके वह रंज जो ख़ुदा की मर्ज़ी को पूरा करता है, इन्सान को तौबा करने पर उभारता है जिस का नतीजा नजात है। और इस पर किसी को पछताने की ज़रूरत नहीं, लेकिन दुनिया का रंज मौत पैदा करता है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201910 क्यूँकि ख़ुदा परस्ती का ग़म ऐसी तौबा पैदा करता है; जिसका अन्जाम नजात है और उस से पछताना नहीं पड़ता मगर दुनिया का ग़म मौत पैदा करता है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस10 क्योंकि जो दुख अल्लाह अपनी मरज़ी पूरी कराने के लिए इस्तेमाल करता है उससे तौबा पैदा होती है और उसका अंजाम नजात है। इसमें पछताने की गुंजाइश ही नहीं। इसके बरअक्स दुनियावी दुख का अंजाम मौत है। Viz kapitola |