2 कुरि 3:7 - उर्दू हमअस्र तरजुमा7 जिस वक़्त मौत के अह्द के हुरूफ़ पत्थर की तख़्तियों पर कन्दा कर के, हज़रत मूसा को दिये गये, तो उन का चेहरा जलाल से पुर हो गया, और बनी इस्राईल उसे देखने की ताब न ला सके, हालांके वह जलाल कम होता जा रहा था, Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20197 और जब मौत का वो अहद जिसके हुरूफ़ पत्थरों पर खोदे गए थे ऐसा जलाल वाला हुआ कि इस्राईली लोग मूसा के चेहरे पर उस जलाल की वजह से जो उसके चहरे पर था ग़ौर से नज़र न कर सके हालाँकि वो घटता जाता था। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस7 शरीअत के हुरूफ़ पत्थर की तख़्तियों पर कंदा किए गए और जब उसे दिया गया तो अल्लाह का जलाल ज़ाहिर हुआ। यह जलाल इतना तेज़ था कि इसराईली मूसा के चेहरे को लगातार देख न सके। अगर उस चीज़ का जलाल इतना तेज़ था जो अब मनसूख़ है Viz kapitola |