2 कुरि 13:4 - उर्दू हमअस्र तरजुमा4 हां, वह कमज़ोरी के सबब से तो मस्लूब हुए मगर ख़ुदा की क़ुदरत के सबब से ज़िन्दा हैं। और हम भी कमज़ोरी में तो उन के शरीक हैं लेकिन ख़ुदा की क़ुदरत से उन की ज़िन्दगी में भी शरीक होंगे ताके तुम्हारी ख़िदमत कर सकें। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 20194 हाँ, वो कमज़ोरी की वजह से मस्लूब किया गया, लेकिन ख़ुदा की क़ुदरत की वजह से ज़िन्दा है; और हम भी उसमें कमज़ोर तो हैं, मगर उसके साथ ख़ुदा कि उस क़ुदरत कि वजह से ज़िन्दा होंगे जो तुम्हारे लिए है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस4 क्योंकि अगरचे उसे कमज़ोर हालत में मसलूब किया गया, लेकिन अब वह अल्लाह की क़ुदरत से ज़िंदा है। इसी तरह हम भी उसमें कमज़ोर हैं, लेकिन अल्लाह की क़ुदरत से हम आपकी ख़िदमत करते वक़्त उसके साथ ज़िंदा हैं। Viz kapitola |