2 कुरि 12:11 - उर्दू हमअस्र तरजुमा11 तुम ने मुझे बेवक़ूफ़ बनने पर मजबूर कर दिया। ज़रूरत तो इस बात की थी के तुम मेरी तारीफ़ करते। अगरचे में कुछ भी नहीं हूं फिर भी तुम्हारे “अफ़ज़ल रसूलों,” से किसी बात में कमतर नहीं। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201911 मैं बेवक़ूफ़ तो बना मगर तुम ही ने मुझे मजबूर किया, क्यूँकि तुम को मेरी तारीफ़ करना चाहिए था इसलिए कि उन अफ़्ज़ल रसूलों से किसी बात में कम नहीं अगरचे कुछ नहीं हूँ। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस11 मैं बेवुक़ूफ़ बन गया हूँ, लेकिन आपने मुझे मजबूर कर दिया है। चाहिए था कि आप ही दूसरों के सामने मेरे हक़ में बात करते। क्योंकि बेशक मैं कुछ भी नहीं हूँ, लेकिन इन नाम-निहाद ख़ास रसूलों के मुक़ाबले में मैं किसी भी लिहाज़ से कम नहीं हूँ। Viz kapitola |