2 कुरि 1:20 - उर्दू हमअस्र तरजुमा20 क्यूंके ख़ुदा के जितने भी वादे हैं उन सब की “हां” अलमसीह हैं। इसीलिये हम अलमसीह के वसीले से “आमीन” कहते हैं ताके ख़ुदा का जलाल ज़ाहिर हो। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201920 क्यूँकि ख़ुदा के जितने वा'दे हैं वो सब उस में हाँ के साथ हैं। इसी लिए उसके ज़रिए से आमीन भी हुई; ताकि हमारे वसीले से ख़ुदा का जलाल ज़ाहिर हो। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस20 क्योंकि वही अल्लाह के तमाम वादों की “हाँ” है। इसलिए हम उसी के वसीले से “आमीन” (जी हाँ) कहकर अल्लाह को जलाल देते हैं। Viz kapitola |