Online Bible

- Reklamy -




1 कुरि 7:34 - उर्दू हमअस्र तरजुमा

34 पस उस की तवज्जोह दोनों तरफ़ रहती है। बन ब्याही और कुंवारी औरत ख़ुदावन्द की बातों की फ़िक्र में रहती है ताके उस का जिस्म और रूह दोनों ख़ुदावन्द के लिये वक़्फ़ हों। लेकिन शादीशुदा औरत दुनिया की फ़िक्र में रहती है के किस तरह अपने शौहर को ख़ुश करे।

Viz kapitola kopírovat

इंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 2019

34 शादी और बेशादी में भी फ़र्क़ है बे शादी ख़ुदावन्द की फ़िक्र में रहती है ताकि उसका जिस्म और रूह दोनों पाक हों मगर ब्याही हुई औरत दुनिया की फ़िक्र में रहती है कि किस तरह अपने शौहर को राज़ी करे।

Viz kapitola kopírovat

किताब-ए मुक़द्दस

34 यों वह बड़ी कश-म-कश में मुब्तला रहता है। इसी तरह ग़ैरशादीशुदा ख़ातून और कुँवारी ख़ुदावंद की फ़िकर में रहती है कि वह जिस्मानी और रूहानी तौर पर उसके लिए मख़सूसो-मुक़द्दस हो। इसके मुक़ाबले में शादीशुदा ख़ातून दुनियावी फ़िकर में रहती है कि अपने ख़ाविंद को किस तरह ख़ुश करे।

Viz kapitola kopírovat




1 कुरि 7:34

Následuj nás:

Reklamy


Reklamy