1 कुरि 7:31 - उर्दू हमअस्र तरजुमा31 दुनिया की चीज़ों से सरोकार रखने वाले इस दुनिया के ही होकर न रह जायें क्यूंके इस की सूरत बदलती जाती है। Viz kapitolaइंडियन रिवाइज्ड वर्जन (IRV) उर्दू - 201931 और दुनियावी कारोबार करनेवाले ऐसे हों कि दुनिया ही के न हो जाएँ; क्यूँकि दुनिया की शक्ल बदलती जाती है। Viz kapitolaकिताब-ए मुक़द्दस31 दुनिया से फ़ायदा उठानेवाले ऐसे हों जैसे इसका कोई फ़ायदा नहीं। क्योंकि इस दुनिया की मौजूदा शक्लो-सूरत ख़त्म होती जा रही है। Viz kapitola |